Sunday, March 5

कि तुम पूछते हो क्या है मेरा वज़ूद ,
इतने सालों में किया भी है तुमने क्या ऐसा खूब ?
मैं सोचता हूँ  कि क्यूँ है आज ये तेरा गुरुर 
जब कल परसों मेरी मोहब्बत ही थी तेरा सुरूर !

'शशांक'

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