Sunday, March 25

वो बचपन की मुलाकात आज भी है याद, 
वो छुट्टियों के बाद का साथ आज भी है याद,
जुदा हुए हम तो क्या हुआ ऐ वक़्त,
वो चाँद सा रुखसार आज भी है याद ।। 
मेरी नज्मों से मेरे जख्मों का एहसास न कर,
शब्द ख़त्म हो जायेंगे पर दर्द रह जायेगा ।

Sunday, February 26

तेरा गम


मेरे अश्कों की खता क्या है,
जुदा होके भी ये तेरा मुझसे जुड़ा क्या है?
तलब ये आज फिर उठी कैसी है
मेरे सूखे अश्कों में ये तेरी याद छुपी कैसी है

शायद गुजरा हूँ मैं आज, उन गलियों से फिर तेरी
उन पूरानी गलियों में आज भी तेरी याद बसी कैसे है

अब तक,
अब तक याद करता है नासमझ दिल ये मेरा बस यही
तेरा वो बरसों पुराना मिलने का वादा,
किया था जो तूने, मोहल्ले के चौराहे पे कभी
वो वादा आज भी अधुरा क्यूं है,
 वो चौराहा आज भी सुना क्यूं है

खुदा कसम, सौ गम सह लूँ मैं तेरे वास्ते,
पर तेरे जाने का गम इतना बड़ा क्यूं है, इतना बड़ा क्यूं है



Sunday, January 22

Sweet Sunshine

O sweet sunshine of winter!
Tell us how to live life better.

Ur eternal battle with shadow,
Is this the key to an eventful future?
The future built on fight and survive,
And Not on flight at first sight

Will the heart ever understand the message,
Hidden in the battle of sunshine.

Tuesday, January 17

ऐ मेरी कविता


ऐ मेरी कविता! तू ही तो है अमानत मेरी,
ये घर, ये संसार सब न्योछावर तुझ पर,
तू ही तो है जन्नत मेरी |

मेरे उदास पलों की संगदिल है तू ,
मेरी खुसिओं का उत्कर्ष तू ही |
मेरी व्यग्रता को शब्दों में बयां करती,
मेरे भावों की आत्मा तू ही |

अंतिम में,

मुझको सम्पूर्ण करती, ऐ मेरे मस्तिष्क की कल्पना,
मेरे जीवन का है उद्देश्य तू ही |

Monday, January 16

आ भी जाओ

कहाँ हो मेरी प्रियतमा तुम,
दिल की तड़प अब तो समझ जाओ,
सदियों से  इंतज़ार है  तुम्हारा,
अब तो आ भी जाओ, अब तो आ भी जाओ |

सावन से पतझड़ तक, पतझड़ से फिर सावन तक
जिंदगी लगती अधूरी हरवक्त
अब तो इस खालीपन को आकर भर जाओ, आकर भर जाओ |



Sunday, January 15

निश्छल प्रेम


मत  कहो  हमसे हम  तुम्हारे  कुछ  भी  नहीं 
एक  बरसों  का  नाता  है  प्रेम  के  बंधन  का
रुठते  रहो   यूँही  कोई  शिकवा  नहीं
पर छोड़ के जाने  का  ख्याल  सपनों  से  भी  जुदा  करो |

कहाँ  पाओगे  हम  जैसा आशिक  कोई 
जो  तुम्हारी  ठोकर  को  भी  खुदा  की इनायत समझता हो 
तुम्हारी  जुदाई  को  दोजख  मानता हो |

दूर  जाओगे  तो  समझ पाओगे  हमारे  प्यार  को
अभी तुम क्या जानो हमारे निश्छल समर्पण  के  भाव  को ||

तिनका तिनका एहसास

तिनकों का आस था अबतक कि जिंदगी कट जाएगी उनके सहारे,
पर लगता है ले गया कोई परिंदा उन्हें, अपना आशियाना बनाने,
और हम रह गए बस यादों के सहारे |

काश कि हम भी परिंदे होते तो पूछते उन परिंदों से
क्या मिला तुम्हे हमसे हमारी रूह को छीनकर,
आशियाना जो तुमने बनाया मेरे आशियाने को उजाड़कर
खैर, खुश रहो तुम, यही दिल कि तमन्ना है
वैसे भी, किसी न किसी को तो गम में जलना है!

Wednesday, December 14

FOR YOU


O My love, where are you?
Come to me and rescue my life

Your absence fills me with heart wrenching pain
Without you, life is hard to entertain.

This world and everything in it
My life and my dreams, my mind and its whims

It’s hard to describe in words
The passion and the warmth of you in me

Come to me, come to me
For you shall be my queen





Tharoor in a pseudo intellectual role till 2019

Mr Tharoor is a learned person...represented India in the UN ...lost the race to be its secretary general not because he was less competen...