Thursday, August 23

ऐ खुदा कर इतनी बरकत मेरे 'गीत' पे
रहे खुशबू बन साँसों में हरदम मेरे 'मीत' के
 नज़रें इनायत सदा तेरी मेरे 'प्रीत' पे
जो पाऊँ मैं 'प्रीति' और तू खुश हो मेरी 'जीत' पे |

'शशांक'

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